मानवीय-संबंधों में प्रेम - अपनत्व तलाशती कहानियों का संग्रह स्वेटर
पुस्तक समीक्षा
पुस्तक- स्वेटर (कहानी संग्रह)
लेखक- अशोक जमनानी, होशंगाबाद
प्रकाशक- संदर्भ प्रकाशन, भोपाल
समीक्षक- अनिल अयान,सतना
अशोक जमनानी का यह संग्रह पहली बार मेरी नजर के सामने हैं, पूरे मध्य प्रदेश के लिए अशोक जमनानी उपन्यासों और कहानियों के लिए जाना पहचाना नाम है, यह कहानी संग्रह अपने अंदर पंद्रह कहानियों को समेटे हुए है। ये सभी कहानी हमारे समाज और परिवार और याराना के बीच घटने वाली कहानियां हैं। इन कहानियों में आपको हर उम्र के पात्र उपस्थित मिलेंगें, इन कहानियों में प्रमुखतः स्वेटर, चोर, सुंदर, परकम्मा वासनी, लफ्फाज, टिकिट, रंग, उल्टी चप्पलें, झुर्रियाँ, अलग, अलमारी, लाल चीटियाँ, ग्लोबल वार्मिंग, ज़मीन, और कुंभ दादी प्रमुख कहानियाँ हैं। इन कहानियों की बात की जाए तो स्वेटर युवा मन की कहानी
जिसे स्वेटर की वजह से प्रेमी के रूप में बदनाम कर दिया जाता है, चोर गली मुहल्लों में चोरियों की घटनाओं पर आधारित कहानी है, सुंदर बुजुर्ग महिला बुआ जी के जीवन की विसंगतियों की कहानी है, परकम्मा वासिनी, एक बेबस बुजुर्ग महिला की अपने पारिवारिक दाम्पत्य दुख को त्यागकर नर्मदा परिक्रमा में लीन होने और अनुभवों की कहानी है। लफ्फाज हरफनमौला बन्ने मियाँ के जीवन पर आधारित कहानी है, वहीं टिकिट एक युवा कामगार गोकुल की परहित सरिस धर्म नहीं भाई सूक्ति को साकार करती कहानी है, रंग पति पत्नी के अंतरंग मनोभावों को छूने वाली कहानी है, उल्टी चप्पलें पिता और पुत्री के अगाध प्रेम को प्रदर्शित करती कहानी हि, झुर्रियाँ ग्रामीण परिवेश की एक बेबस महिला और उसके अनछुए असफल प्रेम की कहानी है। अलग स्त्री और पुरुष के बीच अनायास उपजे प्रेम की कहानी है जिसमें दोनों अपनी अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि से अकेलेपन के शिकार होते हैं। अलमारी नव विवाहित जोड़े के शहरी जगदोजहद और आपसी वैचारिक भिन्नता को समेटे हुए घटनाक्रमों की कहानी है। लाल चीटियाँ महिला प्रताड़्ना पर आधारित कहानी है जिसमें प्रमुख पात्र समाज और परिवार से क्षुब्ध होकर पलायन कर जाती है। ग्लोबल वार्मिंग ग्रामीण परिवेश की कहानी हैं जिसमें पूजा और कर्मकांड करने वाले पुरोहित गरीब लोगों को कैसे परेशान करते हैं यह दिखाया गया है। ज़मीन स्त्रीपुरुष के बीच अनन्य प्रेम की पराकाष्ठा और घनिष्ठत को दर्शाती कहानी है, अंतिम कहानी कुंभ दादी एक बुजुर्ग महिला के जीवन की कहानी है जिसका अंतिम समय कुंभ नहाने की मनोकामना के साथ पूर्ण होता है।
इन सभी कहानियों में जीवन के विभिन्न रिश्ते, समाज के विभिन्न पहलुओं को देखने और समझने का अवसर मिलता है। इसमें अधिक्तर कहानियों में मानव मन के बीच में उपजे प्रेम को अपने शब्दपाश से कहानी कार ने कहानीपन के द्वारा संवारा है, ग्रामीण परिवेश की कहानियाँ ग्रामीण जनजीवन और संबंधों की महत्ता को उजागर करता है, ये कहानियाँ कोई प्रोफेशनल कहानियों की तरह चटख पटक वाली नहीं हैं, इनमें शहरी मक्कारियाँ और फरेब कम दिखेगा, इन कहानियों में सकारत्मक उर्जा का समावेश कथाकार पात्रों के माध्यम से करता है, इन कहानियों में पात्र पलायन नहीं करते बल्कि साहस दिखाते है, इन कहानियों का देशकाल और वातावरण पाठक को बांधे रखते हैं, संवादों की सहजता पाठक को मंत्रमुग्ध करती है। कुछ कहानियों में स्त्री पात्रों की स्थिति उनकी समाजिक परिस्थियों का आईना बन जाती हैं। कहानियों की भाषा और बुनावट पाठक को उबाऊपन से दूर करती है। कहानी सरलता लिए होने की वजह से पाठक कहानी के कथ्य और कथाकार के उद्देश्य को समझने में सफल होता है। इस संग्रह में मेरे अनुसार उल्टी चप्पलें सर्वश्रेष्ठ कहानी और लफ्फाज किस्सागोई और बुनावट के हिसाब से कुछ कमतर कहानी लगी। हर कहानीकार के लिए सभी कहानी प्रिय होती हैं। इस संग्रह की कहानियाँ पाठकों को कुछ पल के लिए अपने आसपास झांकने के लिए विवश करती हैं, तथा प्रेम और अपनत्व के कितने रूप हो सकते हैं यह समझाने में सफल होती हैं। यहीं सही मायनों में इस संग्रह की पाठकीय सफलता है।
अनिल अयान,सतना
९४७९४११४०७
पुस्तक समीक्षा
पुस्तक- स्वेटर (कहानी संग्रह)
लेखक- अशोक जमनानी, होशंगाबाद
प्रकाशक- संदर्भ प्रकाशन, भोपाल
समीक्षक- अनिल अयान,सतना
अशोक जमनानी का यह संग्रह पहली बार मेरी नजर के सामने हैं, पूरे मध्य प्रदेश के लिए अशोक जमनानी उपन्यासों और कहानियों के लिए जाना पहचाना नाम है, यह कहानी संग्रह अपने अंदर पंद्रह कहानियों को समेटे हुए है। ये सभी कहानी हमारे समाज और परिवार और याराना के बीच घटने वाली कहानियां हैं। इन कहानियों में आपको हर उम्र के पात्र उपस्थित मिलेंगें, इन कहानियों में प्रमुखतः स्वेटर, चोर, सुंदर, परकम्मा वासनी, लफ्फाज, टिकिट, रंग, उल्टी चप्पलें, झुर्रियाँ, अलग, अलमारी, लाल चीटियाँ, ग्लोबल वार्मिंग, ज़मीन, और कुंभ दादी प्रमुख कहानियाँ हैं। इन कहानियों की बात की जाए तो स्वेटर युवा मन की कहानी
जिसे स्वेटर की वजह से प्रेमी के रूप में बदनाम कर दिया जाता है, चोर गली मुहल्लों में चोरियों की घटनाओं पर आधारित कहानी है, सुंदर बुजुर्ग महिला बुआ जी के जीवन की विसंगतियों की कहानी है, परकम्मा वासिनी, एक बेबस बुजुर्ग महिला की अपने पारिवारिक दाम्पत्य दुख को त्यागकर नर्मदा परिक्रमा में लीन होने और अनुभवों की कहानी है। लफ्फाज हरफनमौला बन्ने मियाँ के जीवन पर आधारित कहानी है, वहीं टिकिट एक युवा कामगार गोकुल की परहित सरिस धर्म नहीं भाई सूक्ति को साकार करती कहानी है, रंग पति पत्नी के अंतरंग मनोभावों को छूने वाली कहानी है, उल्टी चप्पलें पिता और पुत्री के अगाध प्रेम को प्रदर्शित करती कहानी हि, झुर्रियाँ ग्रामीण परिवेश की एक बेबस महिला और उसके अनछुए असफल प्रेम की कहानी है। अलग स्त्री और पुरुष के बीच अनायास उपजे प्रेम की कहानी है जिसमें दोनों अपनी अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि से अकेलेपन के शिकार होते हैं। अलमारी नव विवाहित जोड़े के शहरी जगदोजहद और आपसी वैचारिक भिन्नता को समेटे हुए घटनाक्रमों की कहानी है। लाल चीटियाँ महिला प्रताड़्ना पर आधारित कहानी है जिसमें प्रमुख पात्र समाज और परिवार से क्षुब्ध होकर पलायन कर जाती है। ग्लोबल वार्मिंग ग्रामीण परिवेश की कहानी हैं जिसमें पूजा और कर्मकांड करने वाले पुरोहित गरीब लोगों को कैसे परेशान करते हैं यह दिखाया गया है। ज़मीन स्त्रीपुरुष के बीच अनन्य प्रेम की पराकाष्ठा और घनिष्ठत को दर्शाती कहानी है, अंतिम कहानी कुंभ दादी एक बुजुर्ग महिला के जीवन की कहानी है जिसका अंतिम समय कुंभ नहाने की मनोकामना के साथ पूर्ण होता है।
इन सभी कहानियों में जीवन के विभिन्न रिश्ते, समाज के विभिन्न पहलुओं को देखने और समझने का अवसर मिलता है। इसमें अधिक्तर कहानियों में मानव मन के बीच में उपजे प्रेम को अपने शब्दपाश से कहानी कार ने कहानीपन के द्वारा संवारा है, ग्रामीण परिवेश की कहानियाँ ग्रामीण जनजीवन और संबंधों की महत्ता को उजागर करता है, ये कहानियाँ कोई प्रोफेशनल कहानियों की तरह चटख पटक वाली नहीं हैं, इनमें शहरी मक्कारियाँ और फरेब कम दिखेगा, इन कहानियों में सकारत्मक उर्जा का समावेश कथाकार पात्रों के माध्यम से करता है, इन कहानियों में पात्र पलायन नहीं करते बल्कि साहस दिखाते है, इन कहानियों का देशकाल और वातावरण पाठक को बांधे रखते हैं, संवादों की सहजता पाठक को मंत्रमुग्ध करती है। कुछ कहानियों में स्त्री पात्रों की स्थिति उनकी समाजिक परिस्थियों का आईना बन जाती हैं। कहानियों की भाषा और बुनावट पाठक को उबाऊपन से दूर करती है। कहानी सरलता लिए होने की वजह से पाठक कहानी के कथ्य और कथाकार के उद्देश्य को समझने में सफल होता है। इस संग्रह में मेरे अनुसार उल्टी चप्पलें सर्वश्रेष्ठ कहानी और लफ्फाज किस्सागोई और बुनावट के हिसाब से कुछ कमतर कहानी लगी। हर कहानीकार के लिए सभी कहानी प्रिय होती हैं। इस संग्रह की कहानियाँ पाठकों को कुछ पल के लिए अपने आसपास झांकने के लिए विवश करती हैं, तथा प्रेम और अपनत्व के कितने रूप हो सकते हैं यह समझाने में सफल होती हैं। यहीं सही मायनों में इस संग्रह की पाठकीय सफलता है।
अनिल अयान,सतना
९४७९४११४०७